कोंच के सिंदुआरी की घटना के प्रतिशोध में पुलिस कर रही है गोह में निर्दोषों पर कार्रवाई, आवाज उठाने प

औरंगाबाद, बिहार।

गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र स्थित सिंदुआरी गांव में हुए कांड के आरोपियों के नाम पर उनके रिश्तेदारों को गोह थानाक्षेत्र के भौठाही, पिपराही और दोआल से दो नाबालिग बालक, तीन महिला समेत आधा दर्जन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इस बात के आरोप लगाते हुए जनाधिकार पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्यामसुंदर ने बताया कि वे हिरासत में लिये गये लोगों के इंसाफ का सवाल उठाया। वे निर्दोष लोगों की रिहाई की मांग को लेकर गोह थाने पर लाॅकडाउन का पालन करते हुए धरना दिये जाने का आह्वान किया तो शनिवार देर रात (करीब दो बजे) उनके निवास स्थान उपहारा थानाक्षेत्र स्थित महेश परासी गांव में उनके दालान को दर्जनों की संख्या में पुलिस घेर ली और छापेमारी की।

छापेमारी इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में हुई, जिसमें कई थानों की पुलिस शामिल थी। सोमवार को गैर-कानूनी छापेमारी के खिलाफ वे न्यायालय जाएंगे। श्याम सुंदर ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो सिंदुआरी गांव में भड़काऊ भाषण देने वाले भूमिहार-ब्राह्मण एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार और जहानाबाद के पूर्व सांसद डा. अरूण कुमार को गिरफ्तार करे।

ये दोनों लोग ही मगध को जलाने पर तूले हुए हैं। इन नेताओं को सरकार जातीय हिंसा फैलाने की खूली छूट दे रखी है। इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो मगध को संभालना मुश्किल हो जाएगा। श्यामसुंदर ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे सिंदुआरी और गोह थाना क्षेत्र के अकौनी घटना की न्यायिक जांच की मांग करके गुनाह कर दिया?

आखिर कबतक बिहार पुलिस सत्ता संरक्षित अपराधी सियासतदानों की रखैल बनी रहेगी? इस बाबत पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि छापेमारी नक्सल शेल्टर के नाम पर हुई है। सवाल है कि क्या वे नक्सलियों का संरक्षक हैं। अगर नक्सली उनके घर में छूपे थे तो फिर रात के अंधेरे में छापेमारी करने वाली पुलिस उनको गिरफ्तार क्यों नहीं की?

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